राष्ट्रीय योजना
स्वच्छ भारत
सार्वभौमिक स्वच्छता कवरेज प्राप्त करने के प्रयासों में तेजी लाने और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, भारत के प्रधान मंत्री ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया था। मिशन के तहत, सभी गांवों, ग्राम पंचायतों, जिलों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारत ने 2 अक्टूबर 2019, महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक, ग्रामीण भारत में 100 मिलियन से अधिक शौचालयों का निर्माण करके खुद को “खुले में शौच मुक्त” (ओडीएफ) घोषित कर दिया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि खुले में शौच मुक्त व्यवहार कायम रहे, कोई भी पीछे न रहे, और ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाएं सुलभ हों, मिशन एसबीएमजी के अगले चरण II यानी ओडीएफ-प्लस की ओर बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना लिस्ट (PMAY) भारत सरकार की एक योजना है जिसके माध्यम से नगरों व ग्रामीण इलाकों में रहने वाले निर्धन लोगों को उनकी क्रयशक्ति के अनुकूल घर प्रदान किये जाएँगे। सरकार ने ९ राज्यों के ३०५ नगरों एवं कस्बों को चिह्नित किया है जिनमें ये घर बनाए जाएंगे।
केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण योजना ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण संचालित योजना है इस योजना का शुभारम्भ 25 जून,2015 को हुआ। इस योजना का उद्देश्य 2022 तक सभी को घर उपलब्ध करना है। इस के लिए सरकार 20 लाख घरो का निर्माण करवाएगी जिनमे से 18 लाख घर झुग्गी –झोपड़ी वाले इलाके में बाकि 2 लाख शहरों के गरीब इलाकों में किया जायेगा।
सरकार ने इस योजना को 3 फेज’ में विभाजित किया है-
1) पहला फेज अप्रैल 2015 को शुरू किया था और जिसे मार्च 2017 में समाप्त कर दिया गया है इसके अंतर्गत 100 से भी अधिक शहरों में घरो का निर्माण हुआ है।
2) दूसरा फेज अप्रैल 2017 से शुरू हुआ है जो मार्च 2019 में पूरा होगा इसमें सरकार ने 200 से ज्यादा शहरों में मकान बनाने का लक्ष्य रखा है।
3) तीसरा फेज अप्रैल 2019 में शुरू किया जाएगा और मार्च 2022 में समाप्त किया जाएगा जिसमे बाकि बचे लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
राज्य योजना
मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना
इस योजना में प्रदेश के नगरीय निकायों के भीतर आने वाले क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास और सुधार किया जायेगा। विशेषकर पर्यटन और धामिर्क महत्व के नगरों में अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। योजना में सड़क, शहरी यातायात, नगरों को सुंदर बनाने, सामाजिक अधोसंरचना विकसित करने, उद्यान, धरोहर संरक्षण तथा पर्यटन संबंधी नवीन योजनाएं ली जा सकेंगी। जिन नगरीय निकायों को इस योजना में राशि दी जायेगी, उन्हें चरणों में समयबद्ध नगरीय सुधार कार्यक्रम लागू करना होगा। योजना का वित्तीय ढाँचा इस प्रकार का होगा कि राज्य सरकार योजना की लागत का 30 प्रतिशत अनुदान देगी और 70 प्रतिशत राशि निकायों को ऋण के रूप में उपलब्ध करवाई जायेगी। ऋण राशि और ब्याज की अदायगी 15 से 20 वर्ष की अवधि में शासन द्वारा तथा शेष 25 प्रतिशत राशि निकाय द्वारा की जायेगी। योजना का क्रियान्वयन इसी वित्तीय वर्ष से शुरू होगा। इस वित्तीय वर्ष में 1428 करोड़ की योजनाएँ शुरू किये जाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना
प्रदेश के शहरों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना वर्ष 2012 से प्रांरभ की गई है। योजना के अंतर्गत 50,000 से अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिये परियोजना लागत का 20 प्रतिशत एवं 50,000 से कम जनसंख्या वाले शहरों के लिये परियोजना लागत का 30 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा अनुदान दिया जाता है। शेष 80 प्रतिशत एवं 70 प्रतिशत राशि की पूर्तिनगरीय निकायों द्वारा ऋण लेकर की जाती है, जिसमें ऋण का 75 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा एवं 25 प्रतिशत नगरीय निकाय द्वारा भुगतान किये जाने की व्यवस्था है।